Pakistan News in Hindi: क्या वाकई पड़ोसी देश में सब कुछ बदलने वाला है?

Pakistan News in Hindi: क्या वाकई पड़ोसी देश में सब कुछ बदलने वाला है?

पाकिस्तान की राजनीति और अर्थव्यवस्था को लेकर अक्सर हवाएं गर्म रहती हैं, लेकिन जनवरी 2026 की शुरुआत ने कुछ ऐसी हलचलें पैदा कर दी हैं जिन्हें नजरअंदाज करना नामुमकिन है। Pakistan news in hindi की तलाश करने वाले लोगों के लिए सबसे बड़ी खबर केवल सियासत नहीं, बल्कि आम आदमी की जेब और देश की डिजिटल लाइफ से जुड़ी है।

अजीब लग सकता है, पर सच है। 15 जनवरी 2026 को पूरे पाकिस्तान में इंटरनेट का एक बड़ा 'ब्लैकआउट' होने की खबर है। यह कोई सरकारी पाबंदी नहीं, बल्कि समुद्र के नीचे बिछी केबल (submarine cable) के रखरखाव का काम है। लोग परेशान हैं। न केवल इसलिए कि सोशल मीडिया बंद रहेगा, बल्कि इसलिए क्योंकि पिछले दो हफ्तों में यह दूसरी बार है जब इंटरनेट की रफ्तार थमने वाली है।

पैसे की तंगी और 'ट्रम्प' कनेक्शन

पाकिस्तान के फाइनेंस मिनिस्टर मोहम्मद औरंगजेब ने हाल ही में एक बड़ी बात कुबूल की है। उन्होंने माना कि भारी टैक्स और महंगी बिजली के कारण कई कंपनियां देश छोड़कर जा चुकी हैं। यह ईमानदारी हैरान करने वाली है। लेकिन इसके बीच एक दिलचस्प मोड़ आया है—पाकिस्तान अब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के परिवार से जुड़ी एक क्रिप्टो कंपनी 'वर्ल्ड लिबर्टी फाइनेंशियल' (WLF) के साथ हाथ मिला रहा है।

क्यों?

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असल में, पाकिस्तान अपने डिजिटल पेमेंट्स को सुधारने के लिए डॉलर से जुड़े 'स्टेबलकॉइन' का इस्तेमाल करना चाहता है। यह शायद इतिहास में पहली बार है जब कोई देश सीधे तौर पर ट्रम्प के बिजनेस साम्राज्य के साथ इस तरह का समझौता कर रहा है।

Pakistan news in hindi: क्या महंगाई सच में कम हो रही है?

अगर आप आंकड़ों को देखें, तो स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान ने ब्याज दरों में 0.50% की कटौती करके इसे 10.5% पर ला दिया है। यह एक संकेत है कि शायद महंगाई की कमर धीरे-धीरे टूट रही है। लेकिन क्या जमीन पर ऐसा है? बिल्कुल नहीं। आम पाकिस्तानी के लिए आटा, दाल और बिजली के बिल अब भी एक डरावने सपने जैसे हैं। आईएमएफ (IMF) ने हाल ही में चेतावनी दी है कि भले ही $1.2 बिलियन की किस्त जारी हो गई हो, लेकिन जलवायु परिवर्तन और बाढ़ के जोखिम अर्थव्यवस्था को फिर से पटरी से उतार सकते हैं।

हैरानी की बात यह है कि एक तरफ आम आदमी पिस रहा है और दूसरी तरफ पाकिस्तान स्टॉक एक्सचेंज (PSX) के इंडेक्स ने 1,82,000 का आंकड़ा पार कर लिया है। जानकारों का कहना है कि यह साल के अंत तक 2,00,000 के पार जा सकता है। यह विरोधाभास पाकिस्तान की पहचान बनता जा रहा है—अमीर और अमीर हो रहे हैं, बाजार रिकॉर्ड तोड़ रहा है, पर गरीब की थाली खाली है।

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सुरक्षा और कूटनीति के नए समीकरण

आतंकवाद को लेकर अंतरराष्ट्रीय दबाव अब पाकिस्तान पर इतना ज्यादा है कि विशेषज्ञ 2026 को एक 'निर्णायक साल' मान रहे हैं। जनरल आसिम मुनीर के नेतृत्व में सेना और सरकार के बीच का तालमेल दुनिया देख रही है। इधर, भारत के साथ रिश्तों में बर्फ पिघलती नहीं दिख रही। जनवरी की शुरुआत में ही दोनों देशों ने अपनी न्यूक्लियर इंस्टॉलेशन (परमाणु ठिकानों) की लिस्ट एक-दूसरे को सौंपी, जो एक रूटीन प्रक्रिया है, लेकिन इससे ज्यादा उम्मीदें पालना बेईमानी होगी।

बड़ी खबरों की फेहरिस्त में कुछ और भी है:

  • कराची में पानी के टैंकरों और अवैध हाइड्रेंट्स को हटाने का बड़ा फैसला लिया गया है।
  • लाहौर में पेड़ों की कटाई और छंटाई पर तत्काल प्रभाव से बैन लगा दिया गया है ताकि स्मॉग और प्रदूषण से लड़ा जा सके।
  • इमरान खान और उनकी पत्नी बुशरा बीबी को भ्रष्टाचार के मामले में 17 साल की सजा सुनाई गई है, जिससे पीटीआई (PTI) समर्थकों में भारी गुस्सा है।

डिफेंस एक्सपोर्ट: एक नई उम्मीद?

एक दिलचस्प जानकारी जो शायद बहुतों को नहीं पता—पाकिस्तान अब अपने जेएफ-17 (JF-17) लड़ाकू विमानों को बांग्लादेश जैसे देशों को बेचने की तैयारी में है। डिफेंस प्रोडक्शन मिनिस्टर ने साफ किया है कि वे कई देशों से बातचीत कर रहे हैं। कर्ज में डूबे देश के लिए हथियारों का निर्यात एक लाइफलाइन साबित हो सकता है।

ईमानदारी से कहें तो, पाकिस्तान इस वक्त एक ऐसे चौराहे पर खड़ा है जहां एक तरफ तकनीकी बदलाव (जैसे क्रिप्टो और डिजिटल करेंसी) की कोशिश है, और दूसरी तरफ वही पुराना राजनीतिक अस्थिरता का साया। पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की सजा और उसके बाद होने वाले विरोध प्रदर्शनों ने सरकार की नींद उड़ा रखी है।


पाकिस्तान की वर्तमान स्थिति से जुड़े मुख्य बिंदु:

  1. डिजिटल बदलाव: वर्ल्ड लिबर्टी फाइनेंशियल के साथ स्टेबलकॉइन को लेकर समझौता, जो ट्रम्प परिवार से जुड़ा है।
  2. इंटरनेट संकट: 15 जनवरी 2026 को सबमरीन केबल मेंटेनेंस के कारण देशव्यापी ब्लैकआउट की संभावना।
  3. आर्थिक विरोधाभास: शेयर बाजार रिकॉर्ड ऊंचाई पर है, लेकिन विदेशी कंपनियां भारी टैक्स के कारण देश छोड़ रही हैं।
  4. कानूनी कार्रवाई: पत्रकारों को सजा और पूर्व पीएम इमरान खान पर लंबे समय तक जेल की तलवार।

पाकिस्तान के हालात को करीब से समझने के लिए आपको केवल हेडलाइंस नहीं, बल्कि उनके पीछे की बदलती कूटनीति को देखना होगा। यदि आप निवेश या व्यापार के नजरिए से देख रहे हैं, तो पाकिस्तान का स्टॉक मार्केट फिलहाल दुनिया के सबसे अच्छे प्रदर्शन करने वाले बाजारों में से एक है, लेकिन राजनीतिक जोखिम (Political Risk) हमेशा बना हुआ है। आने वाले हफ्तों में यह देखना अहम होगा कि क्या सरकार आईएमएफ की शर्तों को पूरा करते हुए आम जनता को कोई वास्तविक राहत दे पाती है या नहीं।

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अगले कदम के तौर पर, आपको पाकिस्तान के केंद्रीय बैंक (SBP) की अगली नीति समीक्षा और आईएमएफ की बोर्ड मीटिंग के नतीजों पर नजर रखनी चाहिए, क्योंकि यहीं से 2026 की आर्थिक दिशा तय होगी।