मकर संक्रांति की सुबह है। लोग गंगा में डुबकी लगा रहे हैं, आसमान पतंगों से भरा है, लेकिन न्यूज़ की दुनिया में हलचल कुछ और ही है। Current news of India in Hindi की तलाश करते हुए अगर आप यहाँ आए हैं, तो यकीनन आप सिर्फ हेडलाइंस नहीं, बल्कि उनके पीछे की असली कहानी समझना चाहते हैं। आज भारत एक साथ कई मोर्चों पर खड़ा है—चाहे वो ईरान में फंसे भारतीयों की सुरक्षा हो, अमेरिका में बढ़ती एंटी-इंडियन बयानबाजी हो, या फिर घरेलू राजनीति का बदलता स्वरूप।
ईमानदारी से कहूँ तो, खबरें अब सिर्फ सूचना नहीं रह गई हैं, ये हमारे निवेश, हमारी सुरक्षा और हमारी सोच को प्रभावित कर रही हैं। चलिए, आज की उन बड़ी कहानियों पर नज़र डालते हैं जो 2026 के इस मोड़ पर भारत की दिशा तय कर रही हैं।
ईरान संकट और भारत की चिंता: एडवाइजरी के मायने
सबसे बड़ी खबर तो खाड़ी देशों से आ रही है। भारत सरकार ने ईरान में रह रहे अपने नागरिकों के लिए एक सख्त एडवाइजरी जारी की है। उन्हें तुरंत ईरान छोड़ने की सलाह दी गई है।
क्यों? क्योंकि वहां विरोध प्रदर्शनों (Protests) ने हिंसक रूप ले लिया है और अमेरिका के साथ तनाव चरम पर है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान पर कड़े प्रतिबंधों और 'बहुत सख्त कार्रवाई' की चेतावनी दी है।
इसका भारत पर क्या असर होगा?
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- क्रूड ऑयल की कीमतें: अगर खाड़ी में तनाव बढ़ता है, तो पेट्रोल-डीजल के दाम आपकी जेब ढीली कर सकते हैं।
- चाबहार पोर्ट: भारत का वहां बड़ा निवेश है, जो अब खतरे में नजर आ रहा है।
- भारतीय कामगार: लाखों लोग वहां काम करते हैं, जिनकी सुरक्षा अब प्राथमिकता है।
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने हाल ही में ईरानी विदेश मंत्री से बात की है। भारत 'ह्यूमैनिटी फर्स्ट' यानी मानवता को सर्वोपरि रखने की नीति पर चल रहा है, खासकर तब जब हम 2026 में BRICS की अध्यक्षता संभाल रहे हैं।
अमेरिका में 'एंटी-इंडियन' लहर: क्या H1-B वीजा पर संकट है?
हैरानी की बात है कि जिस अमेरिका को हम अपना सबसे करीबी दोस्त मानते हैं, वहां से कुछ डराने वाली खबरें आ रही हैं। फाइनेंशियल टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, कई बड़ी अमेरिकी कंपनियां जैसे FedEx और Walmart अब निशाने पर हैं। क्यों? क्योंकि वे भारतीयों को नौकरी पर रख रही हैं।
ट्रम्प प्रशासन के आने के बाद से स्किल्ड वर्कर वीजा (H1-B) को लेकर सख्ती बढ़ी है। वहां के कुछ दक्षिणपंथी समूह सोशल मीडिया पर भारतीय प्रोफेशनल्स के खिलाफ अभियान चला रहे हैं। यह सिर्फ एक खबर नहीं है, बल्कि उन हजारों युवाओं के करियर का सवाल है जो अमेरिका जाने का सपना देखते हैं।
घरेलू राजनीति: दिग्गी राजा का संन्यास और 'द्रविड़ मॉडल' की चर्चा
भारत के अंदरूनी सियासत की बात करें तो कांग्रेस के दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह ने ऐलान कर दिया है कि वे अब राज्यसभा का अगला कार्यकाल नहीं मांगेंगे। इसे मध्य प्रदेश की राजनीति में एक युग का अंत माना जा रहा है।
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वहीं दक्षिण भारत से डीएमके (DMK) सांसद दयानिधि मारन के एक बयान ने उत्तर बनाम दक्षिण की बहस को फिर से हवा दे दी है। उन्होंने उत्तर भारत की शिक्षा और महिलाओं की स्थिति पर टिप्पणी की, जिसे लेकर सोशल मीडिया पर काफी घमासान मचा हुआ है। राजनीति में अक्सर ऐसे बयान ध्रुवीकरण के लिए दिए जाते हैं, लेकिन इससे आम जनता के बीच की खाई गहरी होती जाती है।
सुरक्षा और आतंकवाद: कठुआ में सर्च ऑपरेशन
जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में सुरक्षा बलों ने बड़ा सर्च ऑपरेशन चलाया है। आतंकवादियों की मौजूदगी की खबर के बाद पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी गई है। सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने हाल ही में कहा था कि सीमा पर हम पूरी तरह सतर्क हैं। 'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत दुश्मन की हर हरकत पर नज़र रखी जा रही है।
बिज़नेस और इकॉनमी: बाज़ार का मिजाज
शेयर बाज़ार आज मकर संक्रांति की छुट्टियों के बावजूद खबरों में रहा। सेंसेक्स में करीब 650 अंकों की उछाल देखी गई और निफ्टी 23,800 के पार निकल गया।
कुछ मुख्य अपडेट्स:
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- LIC का बड़ा दांव: LIC ने एक निजी कंपनी में 2.02 लाख शेयर खरीदे हैं, जिससे निवेशकों की नज़र उस स्टॉक पर टिक गई है।
- Swiggy का '10 मिनट' वाला दावा: सरकार के आदेश के बाद स्विगी ने अपनी 10 मिनट की डिलीवरी वाली ब्रांडिंग बदल दी है। अब सुरक्षा और लॉजिस्टिक्स को देखते हुए इसे 'क्विक कॉमर्स' के तौर पर पेश किया जा रहा है।
- राफेल डील: भारत 114 राफेल लड़ाकू विमानों के लिए दुनिया की सबसे बड़ी रक्षा डील करने की तैयारी में है। इसकी कीमत करीब 3.25 लाख करोड़ रुपये बताई जा रही है।
क्या वाकई प्रदूषण विदेशी खिलाड़ियों को डरा रहा है?
खेल की दुनिया से एक बुरी खबर आई है। वर्ल्ड नंबर 3 बैडमिंटन खिलाड़ी एंडर्स एंटोनसेन ने दिल्ली के प्रदूषण का हवाला देते हुए 'इंडिया ओपन' से अपना नाम वापस ले लिया है। दिल्ली का AQI 600 के पार पहुंच गया है। यह सिर्फ खेल की बात नहीं है, बल्कि भारत की ग्लोबल इमेज के लिए एक बड़ा झटका है। जब अंतरराष्ट्रीय एथलीट हमारे यहाँ आने से मना करते हैं, तो यह पर्यावरण संकट की गंभीरता को दर्शाता है।
निष्कर्ष: अब आगे क्या?
Current news of India in Hindi को ट्रैक करते समय आपको कुछ बातों पर गौर करना चाहिए जो आने वाले दिनों में महत्वपूर्ण होंगी:
- ईरान-इजरायल-अमेरिका तनाव: यदि आप शेयर बाज़ार में निवेश करते हैं, तो ग्लोबल न्यूज़ पर नज़र रखें। कच्चे तेल की कीमतों में अस्थिरता आ सकती है।
- बजट 2026: निर्मला सीतारमण का बजट भाषण आने वाला है। इनकम टैक्स स्लैब और कैपेक्स (Capex) पर होने वाले खर्च पर ध्यान दें, क्योंकि यह आपकी बचत को सीधे प्रभावित करेगा।
- उत्तर भारत में ठंड और कोहरा: अगर आप यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो उड़ानों और ट्रेनों की देरी के लिए तैयार रहें। कोहरे की वजह से दिल्ली और आसपास के इलाकों में यातायात बुरी तरह प्रभावित है।
- डिजिटल सुरक्षा: हाल ही में आई 'इलीगल बांग्लादेशी' पहचान करने वाली AI टूल्स जैसी खबरें बताती हैं कि अब डेटा और प्राइवेसी पर सरकार का कंट्रोल और सख्त होने वाला है।
आज की खबरें सिर्फ जानकारी नहीं, बल्कि सावधानी की चेतावनी भी हैं। चाहे वो पतंग उड़ाते समय 'चीनी मांझे' से बचने की सलाह हो या फिर बदलते अंतरराष्ट्रीय समीकरणों को समझने की ज़रूरत। सजग रहें और तथ्यों की जांच करते रहें।
इन सूचनाओं के आधार पर आप अपने निवेश पोर्टफोलियो की समीक्षा करें, खासकर उन सेक्टर्स की जो सीधे तौर पर अंतरराष्ट्रीय तनाव से प्रभावित हो सकते हैं, जैसे कि ऑयल एंड गैस या आईटी सेक्टर जो अमेरिकी वीजा नीतियों पर निर्भर हैं। साथ ही, प्रदूषण के बढ़ते स्तर को देखते हुए अपने स्वास्थ्य और यात्रा संबंधी योजनाओं में बदलाव करना एक समझदारी भरा कदम होगा।